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आरबीआई के गवर्नर का चौंकाने वाला बयान।

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इस वक़्त की सबसे बड़ी खबर पीएनबी में हुए घोटाले को लेकर आ रही है। जहां केंद्र सरकार पर विपक्ष ने जमकर निशाना साधा है। वहीं दूसरी ओर इस घोटाले को लेकर आरबीआई के गवर्नर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

इस बारे में बयान देते हुए पहली बार आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि आरबीआई के पास रेगुलेट करने का पावर कम है।

साथ ही इस मामले पर आगे बोलते हुए आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि PNB में हुआ घोटाला केवल और केवल आरबीआई के नियम ना मानने का नतीजा है।

इस घोटाले के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाए तो बता दें की पीएनबी ने फरवरी में सीबीआई को बैंक में 11,400 करोड़ के फ्रॉड की जानकारी दी थी। बाद में यह फ्रॉड बढ़कर 13 हजार करोड़ रुपए का हो गया।

यह घोटाला मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ। 2011 से 2018 के बीच हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। इसमें हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी मुख्य आरोपी हैं। वे देश छोड़कर जा चुके हैं।

इस मामले पर आगे जानकारी देते हुए अपनी ओर से आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को 13,600 करोड़ के पीएनबी स्कैम पर अपनी चुप्पी तोड़ी। वहीं पीएनबी में हुए घोटाले पर उन्होंने इसे बैंकिंग का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया।

वह गांधीनगर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आरबीआई प्राइवेट सेक्टर बैंक की तुलना में पब्लिक सेक्टर बैंक पर कमजोर था। आगे उन्होंने कहा ‘यदि हमारे ऊपर पत्थर फेंके जाते हैं और हमें नीलकंठ की तरह विष-पान करना पड़े तो हम इसे अपने कर्तव्य के रूप में स्वीकार करेंगे।

बैंकिंग घोटाले कुछ कारोबारियों और बैंक अधिकारियों द्वारा मिलकर देश के भविष्य पर डाका डालने के समान हैं। बैंक क्षेत्र में धोखाधड़ी और अनियमितताओं से रिजर्व बैंक में बैठे हमलोगों को भी गुस्सा, दुख और अफसोस होता है।’

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल ने पीएनबी घोटाले पर बोलते हुए कहा कि ये फ्रॉड ऑपरेशनल फेल्योर का नतीजा है। जो आरबीआई के दिशानिर्देशों के बावजूद पीएन के इंटरनल प्रोसेस की नाकामी से हुआ है।

उन्होंने कहा कि कोई भी बैंकिंग रेग्युलेटर सभी फ्रॉड्स को पकड़ या उन पर रोक नहीं लगा सकता है। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन और फाइन जैसी कार्रवाई से फ्रॉड्स पर लगाम लगाई जा सकती है।

वहीं इस गंभीर मामले की गंभीरता को देखते हुए आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि बैड लोन एक बड़ा मुद्दा है, जिस पर फिर से फोकस किए जाने की जरूरत है। बैंकों के बहीखातों पर फिलहाल 8.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा स्ट्रेस्ड एसेट्स दर्ज हैं।

पहले स्ट्रेस्ड लोन के नॉर्म्स खासे नरम थे। अब एनपीए के समयबद्ध रिजॉल्यूशन की जरूरत है, जिससे बैंकों के विशेषाधिकारों पर लगाम लग सके।